पॉलिटेक्निक परिसर को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा पाया जिला प्रशासन

महीनों से चल रही कागजी कार्रवाई
धनबाद। कई बार पत्राचार के बावजूद पॉलिटेक्निक स्कूल की परिसर को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका है। जिससे सीमांकन न होने से बाउंड्री का कार्य रुका हुआ है।
राजकीय पोलिटेकनिक, धनबाद के अधिग्रहित भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर प्रभारी प्राचार्य ने अंचल अधिकारी, सदर अंचल को पत्र लिखकर यथाशीघ्र सरकारी अमीन के माध्यम से भूमि का सीमांकन कराने की मांग की है, ताकि संस्थान की चाहरदीवारी के जीर्णोद्धार कार्य को बिना बाधा पूरा किया जा सके।
प्रभारी प्राचार्य ने अपने पत्र में बताया कि झारखण्ड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, राँची द्वारा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित ठेकेदार के जरिए संस्थान परिसर की पुरानी चाहरदीवारी के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। इस कार्य को अतिक्रमण मुक्त भूमि पर ही पूरा किया जा सकता है।
अतिक्रमण की शिकायत :
पत्र के अनुसार, संस्थान परिसर के विधुत पावर ग्रिड के पूर्व-दक्षिणी छोर (पाण्डरपाला की ओर जाने वाली प्रस्तावित सड़क) के पास कुछ स्थानीय रैयतों ने अवैध रूप से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इन लोगों ने खाली पड़ी सरकारी भूमि पर निजी आवासों के चारदीवारी निर्माण भी कर लिया है, जो संस्थान की भूमि में घुसपैठ है।
प्रभारी प्राचार्य ने लिखा है कि इस अतिक्रमण के कारण चाहरदीवारी का जीर्णोद्धार कार्य प्रभावित हो रहा है। इसलिए उन्होंने अंचल अधिकारी से आग्रह किया है कि सरकारी अमीन द्वारा चिन्हित भूमि का तुरंत सीमांकन कराया जाए, जिससे निर्माण कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके।
