
धनबाद, 13 मार्च। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नए व्यवसाय स्थापित कर स्व-रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा सूक्ष्म उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोन वितरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए “स्मार्ट लोन समाधान” प्रणाली लागू की जाएगी।
इस संबंध में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Aditya Ranjan ने शुक्रवार को नगर आयुक्त, अनुमंडल दंडाधिकारी, जिला उद्योग केंद्र, अग्रणी जिला प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों तथा “स्मार्ट लोन समाधान” के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजना की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से Artificial Intelligence की मदद से लोन आवेदनों की प्राप्ति, स्क्रूटनी, स्वीकृति और डिसबर्समेंट की प्रक्रिया कम समय में सरलता से पूरी हो सकेगी। इससे अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिलेगा और बैंक अधिकारियों का समय भी बचेगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से Prime Minister’s Employment Generation Programme, Pradhan Mantri Formalisation of Micro Food Processing Enterprises Scheme तथा Pradhan Mantri Mudra Yojana सहित अन्य माइक्रो लोन योजनाओं के तहत आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
बैठक में “स्मार्ट लोन समाधान” के प्रतिनिधि ने बताया कि आवेदक द्वारा आवेदन करने से पहले एआई आधारित प्रणाली उससे बातचीत कर आवश्यक दस्तावेज मांगेगी तथा उनका सत्यापन करेगी। साथ ही आवेदक का सिबिल स्कोर जांचेगी, पूर्व में लिए गए लोन की जानकारी लेगी और आवश्यक होने पर संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि करेगी।
प्रणाली के तहत फेस वेरिफिकेशन, व्यवसायिक स्थल का लाइव जियो-टैग वीडियो तथा कोटेशन की जांच भी की जाएगी। एआई द्वारा प्रथम चरण की स्क्रूटनी पूरी होने और सभी आवश्यक फील्ड में जानकारी दर्ज होने के बाद आवेदन प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) को भेजा जाएगा। इसके बाद क्लस्टर स्तर पर जांच के उपरांत योग्य आवेदन बैंक को भेजे जाएंगे।
बताया गया कि इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से पुराने आवेदनों का डिजिटाइजेशन, एआई वीडियो केवाईसी तथा जन समस्या समाधान जैसी अन्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।
