जांच में बीसीसीएल प्रबंधन की लापरवाही उजागर

अंचल अधिकारी ने बीसीसीएल को थमाया नोटिस

धनबाद। पुटकी अंचल क्षेत्र के अंतर्गत मुनीडीह-भटिंडा फॉल रोड पर स्थित बंद पड़े कैप्टिव पावर प्लांट (सीपीपी) में हुए क्लोरीन गैस रिसाव से चार लोगों की मौत के मामले में बीसीसीएल की लापरवाही उजागर हुई है। जिला प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। घटना के बाद पुटकी अंचल अधिकारी विकास कुमार आनंद ने बीसीसीएल के पश्चिमी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक को आधिकारिक पत्र लिखकर कड़ी नाराजगी जताई है और प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
​अंचल अधिकारी द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 4 अप्रैल की रात को हुई यह त्रासदी सीधे तौर पर प्रबंधन की घोर लापरवाही का परिणाम है। स्थानीय जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बंद पड़े इस औद्योगिक स्थल पर सुरक्षा और निगरानी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। प्रशासन का कहना है कि यदि खतरनाक रसायनों और गैसों के सुरक्षित प्रबंधन हेतु समय रहते उचित कदम उठाए गए होते, तो इन चार व्यक्तियों की जान बचाई जा सकती थी। इस चूक को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जा रहा है।
​प्रशासन ने अब इस मामले में बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। अंचल अधिकारी ने महाप्रबंधक को निर्देश दिया है कि इस पूरी घटना की विस्तृत जांच कराई जाए और जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं, उनकी पहचान कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, अंचल कार्यालय ने एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिले के सभी बंद पड़े प्लांटों में गैस और रसायनों की निगरानी व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ करने का आदेश दिया गया है।
​गौरतलब है कि 4 अप्रैल की रात लोहा चोरी करने के दौरान हुए गैस रिसाव के कारण चार लोगों की मौत हो गई थी।

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