सिविल सर्जन कार्यालय में जिप सदस्यों ने किया भारी हंगामा

धनबाद। नवोदय और एकलव्य विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया के दौरान गुरुवार को धनबाद सिविल सर्जन कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अभिभावकों ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया। दरअसल, लगभग 16 अभिभावक अपने बच्चों का मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्हें घंटों तक परेशान होना पड़ा। अभिभावकों का आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारी ने सर्टिफिकेट जारी करने के बदले प्रति बच्चा 1500 रुपये की मांग की, जिससे गरीब परिवारों में रोष व्याप्त हो गया।
मामले की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी और जेबा मरांडी तुरंत सीएस कार्यालय पहुंचीं और कर्मचारियों की इस मनमानी के खिलाफ जमकर हंगामा किया। जिप सदस्यों ने कहा कि एक तरफ सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के कर्मचारी उन्हें आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। भाजपा नेता राजीव ओझा ने कहा कि आदिवासी सरकार में आदिवासियों छात्रों का ही शोषण हो रहा है। हंगामे की स्थिति को देखते हुए सिविल सर्जन ने तुरंत हस्तक्षेप किया और जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि किसी भी बच्चे को परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित पटल को निर्देश दिया कि सभी बच्चों का मेडिकल सर्टिफिकेट तत्काल प्रभाव से निर्गत किया जाए, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
