
पैक्स गोदाम के लिए अब चिन्हित हुई जमीन
धनबाद। अंचल अधिकारी कार्यालय, धनबाद सदर में फाइलों के निपटारे की सुस्त रफ्तार का एक बड़ा नमूना सामने आया है। जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा पैक्स (MPCS) गोदाम, मार्केटिंग सेंटर और ड्राइंग मशीन निर्माण के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में 20 अगस्त 2025 को ही पत्रांक संख्या 866 जारी किया गया था। सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता देखिए कि इस महत्वपूर्ण योजना पर कार्रवाई करने में अंचल कार्यालय को करीब नौ महीने का वक्त लग गया और अब जाकर सीओ की नींद खुली है।
नौ महीनों के लंबे अंतराल के बाद अंचल अधिकारी राम प्रवेश कुमार ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को पत्र लिखकर भूमि चिन्हित होने की सूचना दी है। रिपोर्ट के अनुसार, नारायणपुर मौजा के खाता संख्या 148 और प्लॉट संख्या 95 के अंतर्गत 10 डिसमिल जमीन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। राजस्व उप-निरीक्षक दयानंद प्रसाद और अंचल अमीन भागवत प्रसाद द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए ट्रेस नक्शे में इस भूमि को ‘पुरानी परती’ बताया गया है, जो वर्तमान में ‘अनाबाद बिहार सरकार’ के नाम से दर्ज है।
हैरानी की बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की इस महत्वपूर्ण राज्य योजना की फाइल अगस्त 2025 से धूल फांक रही थी, जिसे मई 2026 में जाकर अंचल कार्यालय ने हरी झंडी दिखाई है। एक तरफ जहां बरसात के दस्तक देने से पहले शहर में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज मशीनों की खरीद को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे और किसानों से जुड़ी योजनाओं में ऐसी प्रशासनिक देरी विकास के दावों पर सवालिया निशान लगाती है। फिलहाल, इस देरी के बीच अंचल अधिकारी ने रिपोर्ट की प्रतिलिपि उपायुक्त को भेजकर औपचारिकता पूरी कर दी है
