जमीन मामले में कार्रवाई के लिए कथित लेन-देन का गंभीर आरोप
कार्यालय और आवास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग

धनबाद। धनबाद अंचल कार्यालय एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। मौजा साबलपुर की 16 कट्ठा जमीन से जुड़े मामले में बैंक मोड निवासी दिलीप कुमार अग्रवाल ने अंचल अधिकारी राम प्रवेश कुमार पर कार्रवाई के एवज में 25 लाख रुपये रिश्वत मांगने, मामले को जानबूझकर लंबित रखने और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए धनबाद उपायुक्त को लिखित आवेदन दिया है। दिलीप अग्रवाल के अनुसार, मामला मौजा साबलपुर, मौजा नंबर-11, खाता नंबर-18, प्लॉट नंबर-644, रकबा 16 कट्ठा भूमि से संबंधित है। आरोप है कि उक्त जमीन पर भुवनेश्वर यादव ने अनधिकृत रूप से कब्जा कर रखा है। इस संबंध में पूर्व में दिए गए आवेदन और जांच प्रतिवेदन के आधार पर अपर समाहर्ता धनबाद ने अंचल अधिकारी को नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई का निर्देश दिया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्देश के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी और उसे लगातार कार्यालय का चक्कर लगवाया जाता रहा।
काम के बदले चश्मा और अन्य सामान लेने का आरोप
दिलीप अग्रवाल ने शिकायत में आरोप लगाया है कि अंचल अधिकारी ने काम कराने के एवज में बैंकमोड़ स्थित तिवारी प्लाजा के अग्रवाल ऑप्टिकल्स से 15,450 रुपये का चश्मा बनवाया और 8 मार्च 2026 को बिना भुगतान किए लेकर चले गए। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने अपनी माता के निधन के बाद उनकी तीन बड़ी तस्वीरों की फ्रेमिंग कराने तथा 15 हजार रुपये के नए नोट और सिक्के मंगवाने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन सबके बावजूद उसके मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। दिलीप के मुताबिक, 11 अगस्त 2026 की शाम करीब सात बजे वह अंचल अधिकारी के कार्यालय पहुंचा था। इसी दौरान कथित तौर पर उससे 25 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायत में कहा गया है कि उससे यह भी कहा गया कि जमीन की कीमत करोड़ों रुपये है। आवेदक का आरोप है कि जब उसने रकम देने से इनकार किया तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे धनबाद थाना ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे रखने के बाद छोड़ दिया गया।
ऑडियो क्लिप होने का दावा
दिलीप अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि इससे पहले भी उससे रिश्वत की मांग की गई थी। उसने दावा किया है कि बातचीत के दौरान कुछ अधिकारियों को महंगे मोबाइल देने तथा राजनीतिक लोगों को मैनेज करने की बात भी कही गई थी। दिलीप का कहना है कि कथित बातचीत का ऑडियो उसके पेन ड्राइव में सुरक्षित है और जांच के दौरान इसे उपलब्ध कराया जा सकता है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
पूरे मामले को लेकर दिलीप अग्रवाल ने उपायुक्त से अंचल अधिकारी के कार्यालय और आवास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कथित ऑडियो क्लिप की जांच, मामले की निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने अपने लंबित जमीन संबंधी मामले का नियमानुसार जल्द निष्पादन कराने का भी अनुरोध किया है। मामले में संबंधित अंचल अधिकारी का पक्ष नहीं मिल सका है ।
