जिला परिषद अध्यक्ष ने डीएमओ से मांगा जवाब

धनबाद। जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में तीन साल पहले जब्त किए गए भारी मात्रा में कोयले के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) को पत्र लिखकर 3 जनवरी 2023 को बड़ा पिछड़ी कंचन टॉकीज के पास से जब्त किए गए 1031 टन कोयले की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अध्यक्ष ने इस मामले को अत्यंत गंभीर और जनहित से जुड़ा बताते हुए खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
जिला परिषद अध्यक्ष ने अपने पत्र के माध्यम से खनन पदाधिकारी से स्पष्ट पूछा है कि जब्त किया गया 1031 टन कोयला वर्तमान में किस स्थिति में है और इसे कहां सुरक्षित भंडारित किया गया है। उन्होंने इस बात पर भी जवाब मांगा है कि उक्त कोयले की सुरक्षा की जिम्मेदारी किस अधिकारी या विभाग की तय की गई थी। अध्यक्ष ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि कोयले के संरक्षण या प्रबंधन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जाए।
पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि मामले में अब तक क्या दंडात्मक या प्रशासनिक कार्रवाई की गई है, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। अध्यक्ष शारदा सिंह ने जिला खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि उपरोक्त सभी बिंदुओं पर तीन दिनों के भीतर जांच पूरी कर विस्तृत प्रतिवेदन कार्यालय को सौंपना सुनिश्चित करें, ताकि मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बिल्ली को मिली दूध की रखवाली
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त जब्त 1031 टन अवैध कोयले को धीरे धीरे खपा दिया गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस और खनन विभाग ने स्थानीय जनप्रतिनिधि को कोयले की देख देख का जिम्मा दिया था । लेकिन साठगांठ में सभी कोयले को खपा दिया गया है। बाजार के मूल्य के अनुसार कुल कोयले की कीमत 60 से 70 लाख रुपए है।
