धनबाद, 26 मार्च 2026: पूर्व रेलवे की महत्वाकांक्षी सोन नगर-अंडाल मल्टी ट्रैकिंग परियोजना धनबाद जिले के निरसा अंचल में सरकारी गैर-मजरूआ (GM-JJ) भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया में फंस गई है। रेलवे के आसनसोल स्थित निर्माण विभाग के उप मुख्य अभियंता ने धनबाद उपायुक्त को पत्र लिखकर लंबित ‘राज्यदेश’ को जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निरसा अंचल के बड़ा अंबोना, कालूबथान और मरमा मौजा में कुल करीब 2 हेक्टेयर सरकारी भूमि के हस्तांतरण के लिए वर्ष 2024 और 2025 में कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

बड़ा अंबोना मौजा (थाना नंबर 74) के प्लॉट संख्या 116, 119, 120, 121, 122 और 123 की 0.347 हेक्टेयर भूमि के लिए स्टेज-1 और स्टेज-2 की क्लीयरेंस क्रमशः दिसंबर 2022 और जून 2023 में प्राप्त हो चुकी है, फिर भी अंतिम राज्यदेश जारी नहीं हुआ है। इसी तरह कालूबथान (थाना नंबर 157) के प्लॉट 79 व 113 तथा मरमा (थाना नंबर 57) के प्लॉट 616 को मिलाकर 1.6519 हेक्टेयर भूमि का मामला भी लंबित है। इन भूखंडों के लिए वन विभाग से अनापत्ति मिल चुकी है, लेकिन आधिकारिक आदेश अभी तक नहीं निकला है।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के लिए अनुबंध पहले ही आवंटित कर दिया गया है और निर्माण स्थल पूरी तरह दायित्व मुक्त है। इसके बावजूद, राज्य सरकार से भूमि का आधिकारिक हस्तांतरण नहीं होने तक रेलवे निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति नहीं ले सकता। रेलवे अधिकारियों ने धनबाद जिला प्रशासन कार्यालय के कई चक्कर लगाए, लेकिन मामला अभी भी अधर में लटका हुआ है।

रेलवे ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि यदि इस संबंध में कोई आदेश जारी हो चुका है तो उसकी वर्तमान स्थिति बताई जाए, अन्यथा जनहित की इस बड़ी परियोजना में अनावश्यक देरी हो रही है।

यह परियोजना दिल्ली-कोलकाता गलियारे की रेल क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिला प्रशासन से अब जल्दी भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद की जा रही है।

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