नगर आयुक्त ने डीसी को लिखा पत्र, जर्जर भवन को निगम के अधीन करने का आग्रह

स्ट्रीट वेंडर्स का होगा व्यवस्थित पुनर्वास
धनबाद । शहर के रणधीर वर्मा चौक के समीप स्थित कृषि बाजार भवन की बदहाल स्थिति जल्द ही सुधर सकती है। धनबाद नगर निगम ने इस जर्जर और उपेक्षित भवन को पुनर्जीवित कर इसे शहर के हित में उपयोग करने की योजना बनाई है। नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने इस संबंध में उपायुक्त को पत्र लिखकर कृषि बाजार भवन को नगर निगम को हस्तांतरित करने का औपचारिक आग्रह किया है।
वर्तमान में यह भवन पूरी तरह से खाली पड़ा है और लंबे समय से देखरेख के अभाव में इसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। नगर निगम का मानना है कि इस भवन का उपयोग न होना न केवल संसाधन की बर्बादी है, बल्कि यह शहर की वर्तमान जरूरतों के हिसाब से भी अनुचित है। प्रशासन का कहना है कि शहर में बढ़ती शहरी गतिविधियों के बीच स्ट्रीट वेंडर्स यानी पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित करने के लिए एक उपयुक्त जगह की सख्त जरूरत है, और यह कृषि बाजार भवन इस उद्देश्य के लिए सबसे उपयुक्त स्थान साबित हो सकता है।
स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा सुरक्षित स्थान :
नगर निगम की योजना है कि भवन को विकसित कर वहां स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित तरीके से बसाया जाए। इस पहल से शहर को कई मोर्चों पर राहत मिलने की उम्मीद है। एक तरफ जहां स्ट्रीट वेंडर्स को अपना कारोबार चलाने के लिए सुरक्षित और उचित स्थान मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी, वहीं दूसरी तरफ सड़कों के किनारे लगने वाली अनियंत्रित भीड़ कम होने से शहर की यातायात व्यवस्था में काफी सुधार आएगा। इसके अतिरिक्त, इस योजना के क्रियान्वयन से शहर में अतिक्रमण और गंदगी जैसी समस्याओं का भी प्रभावी समाधान हो सकेगा। नगर आयुक्त ने अब उपायुक्त से अनुरोध किया है कि इस भवन को जल्द नगर निगम को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि इसे स्ट्रीट वेंडर्स के लिए उपयोगी बनाकर शहर को और अधिक व्यवस्थित स्वरूप दिया जा सके।
असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है भवन :
हाल ही में इसी जर्जर और वीरान कृषि बाजार भवन में एक व्यक्ति की गला रेतकर नृशंस हत्या की घटना सामने आई थी। इस दर्दनाक वारदात ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। यह जर्जर भवन सुरक्षा के लिहाज से शहर के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। यहां दिन रात नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन के हस्तक्षेप से पहले ही यह जगह असामाजिक तत्वों का सुरक्षित ठिकाना बन चुकी है।
