नेपाल में बाढ़ से झारखंड के लोगों की चिंता बढ़ी
लापता व फंसे नागरिकों का 24 घंटे में मांगा गया ब्योरा
झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी उपायुक्तों को दिया निर्देश
धनबाद। नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ की विभीषिका के बीच झारखंड सरकार की नींद एक सप्ताह बाद खुली है। सरकार ने राज्य के उन नागरिकों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जो बाढ़ के कारण नेपाल में लापता हैं, फंसे हुए हैं या जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से सभी उपायुक्तों को इस संबंध में पत्र भेजकर संबंधित नागरिकों का विस्तृत ब्योरा 24 घंटे में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सरकार के संयुक्त सचिव राकेश कुमार की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त निर्देश के आधार पर नेपाल में बाढ़ विभीषिका के कारण प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी मांगी गई है। इसी के तहत जिलों से ऐसे लोगों की पहचान कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी भेजने को कहा गया है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नेपाल में बाढ़ के कारण लापता, फंसे हुए अथवा संपर्क से बाहर हुए भारतीय नागरिकों का विवरण जुटाया जाना है। इसके लिए नाम, लिंग, उम्र, जन्मतिथि, आधार नंबर, पासपोर्ट नंबर, पता, अंतिम संपर्क का स्थान एवं तारीख-समय, निकट संबंधी का नाम और मोबाइल नंबर सहित अन्य आवश्यक जानकारी मांगी गई है।
पूरी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश
इसके अलावा प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति भी स्पष्ट करनी होगी कि वह संपर्क से बाहर, फंसा हुआ लेकिन संपर्क में अथवा भारतीय मूल का व्यक्ति है। जिला प्रशासन को उपलब्ध सूचनाओं को निर्धारित प्रारूप में संकलित कर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजना है। पत्र में मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जानकारी 24 घंटे में विभागीय ई-मेल पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार के इस कदम से स्पष्ट है कि नेपाल में बाढ़ के बीच झारखंड के नागरिकों की स्थिति को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी प्रभावित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए जिलावार जानकारी जुटाई जा रही है।
