दामोदर नदी से लेकर एरिया 9, 10 व 11 तक जमीन मापी का मामला

आईआईटी आईएसएम की मदद से होगी मापी
धनबाद। दामोदर नदी में किए गए ओबी डंप और एरिया 9, 10 व 11 में जमीन की मापी के लिए बीसीसीएल ने एक माह का समय मांगा है। झारखंड विधानसभा में गुरुवार को विधानसभा समिति की बैठक में बीसीसीएल ने यह मांग की है। सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने बताया कि समिति ने बीसीसीएल को एक माह का समय देने पर सहमति जताई है। समिति को जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार बड़े क्षेत्रफल के कारण पारंपरिक तरीके से मापी में काफी समय लग सकता है। ऐसे में ड्रोन अथवा अन्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से मापी कराने की पहल की गई है। ओबी डंप की मापी का काम पूरा करने के लिए बीसीसीएल ने प्रशासन से एक माह का समय मांगा है। दामोदर नदी में किए गए ओबी डंप को लेकर सवाल उठाया गया था कि नदी के नक्शे के अनुसार मापी कर यह स्पष्ट किया जाए कि कितनी जमीन पर ओबी डंप किया गया है। प्रशासन ने बताया कि ओबी डंप का क्षेत्रफल काफी अधिक है। पारंपरिक तरीके से मापी कराने में लंबा समय लगने की संभावना को देखते हुए आईआईटी आईएसएम के निदेशक से ड्रोन अथवा आधुनिक तकनीक के माध्यम से सर्वे में सहयोग का अनुरोध किया था। इसके बाद स्मार पत्र भेजकर एक पक्ष के अंदर कार्य पूरा कराने का अनुरोध किया गया। साथ ही समयबद्ध तरीके से कार्य कराने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को निर्देशित किया गया। अब बीसीसीएल ने मापी के लिए एक माह का समय मांगा है।
जमीन से जुड़े 75 आवेदनों में 12 का निपटारा
विधानसभा समिति द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में प्रशासन ने जमीन और मुआवजा से जुड़े मामलों की स्थिति भी स्पष्ट की है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के स्तर पर भेजे गए 59 आवेदनों में 48 का निपटारा हो चुका है, जबकि शेष मामलों में सुनवाई जारी है। समिति से प्राप्त 75 आवेदनों में 12 का निपटारा हुआ है। 54 मामलों में दूसरी सुनवाई तथा नौ मामलों में पहली सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। झरिया से मुआवजा अथवा नौकरी से संबंधित 38 और बलियापुर से 80 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों को संबंधित अधिकारियों के कार्यालय में भेजकर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। ECL से प्राप्त 46 आवेदनों के संबंध में भी अद्यतन प्रतिवेदन मांगा गया है। वहीं कपुरिया निवासी विमला देवी के मामले में अपर समाहर्ता-सह-अध्यक्ष, डिस्ट्रिक्ट लैंड सेल के समक्ष पहली सुनवाई पूरी हो चुकी है और दूसरी सुनवाई प्रक्रिया में है। अलकडीहा ओबी डंप से जुड़े मामले में पूर्व में वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से विधानसभा को प्रतिवेदन भेजे जाने की जानकारी भी प्रशासन ने दी है। प्रशासन के इस जवाब से साफ है कि ओबी डंप और जमीन मापी के कई मामलों में कार्रवाई चल रही है, लेकिन बड़े भू-क्षेत्र के कारण मापी में समय लग रहा है। अब बीसीसीएल की ओर से एक माह का समय मांगे जाने के बाद इस प्रक्रिया के पूरा होने पर ही जमीन के वास्तविक उपयोग और ओबी डंप की स्थिति की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
