धनबाद, 13 मार्च। भारत की Census of India 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए जिला व चार्ज अधिकारियों तथा तकनीकी सहायकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार से समाहरणालय सभागार में शुरू हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Aditya Ranjan, नगर आयुक्त Ashish Gangwar, अनुमंडल दंडाधिकारी Lokesh Barange तथा अपर समाहर्ता Vinod Kumar ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि जनगणना किसी भी देश के विकास के लिए योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की योजनाएं और नीतियां तय की जाती हैं। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ दशक के बाद यह जनगणना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, इसलिए सभी पदाधिकारी और कर्मी इसे पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ सम्पन्न करें।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बताई जा रही सभी बातों को ध्यानपूर्वक समझने की अपील की। प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं, प्रश्नावली के उपयोग, डेटा संकलन की प्रक्रिया तथा क्षेत्र में कार्य करने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
Murari Mohan, जो जनगणना कार्य निदेशालय रांची से राष्ट्रीय प्रशिक्षक के रूप में आए हैं, ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ प्रशिक्षण दिया। उन्होंने पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं भवनों की गणना से संबंधित प्रक्रियाओं को समझाया। उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से हर घर और हर ब्लॉक का डेटा संकलन करेंगे।
प्रशिक्षण के बाद सभी चार्ज अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य शुरू करेंगे।
इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी सह सांख्यिकी पदाधिकारी Umesh Lohra, सहायक नगर आयुक्त Prasun Kaushik, Prakash Kumar, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

