एक्सक्लूसिव: धनबाद अंचल अमीन पर गिर सकती है गाज, सीओ ने डीसी को लिखा पत्र कर्तव्य में लापरवाही और आदेशों की अवहेलना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसाविधानसभा प्रश्न और आंगनबाड़ी केंद्रों के जमीन आवंटन कार्य में शिथिलता बरतने का आरोप धनबाद। धनबाद अंचल में सरकारी कार्यों में लापरवाही और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में अंचल अधिकारी राम प्रवेश कुमार ने अंचल अमीन भागवत प्रसाद दास के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने हेतु उपायुक्त को पत्र प्रेषित किया है। अंचल अधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि अमीन द्वारा न केवल महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में देरी की जा रही है, बल्कि बार-बार दिए गए निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है, जो सरकारी सेवा आचार नियमावली का खुला उल्लंघन है।पूरा मामला विधानसभा में पूछे गए एक तारांकित प्रश्न और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि चिह्नित करने के कार्य से जुड़ा है। विधायक मथुरा प्रसाद द्वारा धनबाद नगर निगम अंतर्गत मल्लिक तालाब (फटिक तालाब) से संबंधित भू-खंड की मापी को लेकर प्रश्न पूछा गया था। इस कार्य के लिए अंचल अमीन को निर्देशित किया गया था कि वे संबंधित 3.05 एकड़ भूमि की पूर्ण मापी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, परंतु अमीन द्वारा मात्र 1.15 एकड़ की अधूरी रिपोर्ट ही सौंपी गई। जब इस संबंध में उनसे दूरभाष पर स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने पुराने प्रतिवेदन को ही पुनः संलग्न कर भेज दिया, जिससे सरकारी कार्य में अनावश्यक बाधा उत्पन्न हुई।लापरवाही का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, अंचल अधिकारी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि कुल 181 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि चिह्नित करने का लक्ष्य निर्धारित था। अंचल अमीन की शिथिलता और कार्य के प्रति उदासीनता के कारण अब तक मात्र 27 केंद्रों के लिए ही जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को भेजी जा सकी है। अंचल अधिकारी ने पत्र में जोर देकर कहा है कि अमीन का यह कृत्य सरकारी सेवा आचार नियमावली 1976 के नियम 3(1)(ii) और 3(3) के प्रतिकूल है। इन्हीं गंभीर अनियमितताओं के आलोक में अंचल अधिकारी ने उपायुक्त से भागवत प्रसाद दास के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगी है।

