अब ‘इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम’ से लैस होगा आपदा प्रबंधन, कोल इंडिया ने दिए निर्देश

धनबाद । कोयला नगरी धनबाद की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देने के उद्देश्य से, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने संशोधित झरिया मास्टर प्लान (RJMP) के अंतर्गत ‘इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम’ (ERS) को लागू करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण कदम से झरिया क्षेत्र में संभावित आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक व्यवस्थित तंत्र तैयार होगा।
कोल इंडिया के तकनीकी निदेशक द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के प्रबंधन को इस प्रणाली को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
ईआरएस की मंजूरी के बाद अब जिला प्रशासन को विस्थापन के लिए किसी हादसे का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी । अब सर्वे के बाद खनन क्षेत्र के असुरक्षित पाए जाने पर अविलंब विस्थापन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इन दिनों भू धसान जैसी घटनाएं बढ़ गई है, ऐसे में मंत्रालय द्वारा मिली इस मंजूरी को जिला प्रशासन द्वारा काफी गंभीरता से लिए जाने की जानकारी है। जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस पर गंभीरता से अमल किया जाएगा ।

मंत्रालय की स्वीकृति:

कोयला मंत्रालय ने धनबाद के उपायुक्त-सह-उप सीईओ, जेआरडीए (JRDA) द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद इसे आधिकारिक रूप से झरिया मास्टर प्लान का हिस्सा बनाया गया है।

बीसीसीएल (BCCL) की भूमिका: कोल इंडिया ने निर्देश दिया है कि BCCL का प्रबंधन इस ERS फ्रेमवर्क को धरातल पर उतारने के लिए त्वरित कार्रवाई करे।

सामूहिक समन्वय: इस सिस्टम के प्रभावी संचालन के लिए BCCL को स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होगा। इसमें जेआरडीए (JRDA) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), धनबाद की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

अलग से कोई फंड नहीं :

इस प्रणाली के लिए किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता होगी यह पूरी तरह से झरिया मास्टर प्लान की मौजूदा फंडिंग और प्रशासनिक ढांचे के भीतर ही संच की। झरिया में जमीन धंसने और आग जैसी चुनौतियों को देखते हुए, एक संगठित ‘इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम’ का होना निवासियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण और सकारात्मक है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *